झंडू स्वास्थ्य ब्रांड के लिए इमामी की वापी और मसाट निर्माण इकाइयाँ को मिला WHO-GMP गुणवत्ता प्रमाणीकरण


इन इकाइयों में निर्मित हो रही लगभग 40 आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए CoPP प्राप्त हुआ।

यह प्रमाणीकरण, झंडू ब्रांड के आयुर्वेदिक उत्पादों की उच्चतम गुणवत्ता का अनुमोदन करता है।

इससे झंडु आयुर्वेदिक उत्पादों को वैश्विक स्तर पर निर्यात करने के लिए प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।

कोलकाता: गुजरात के वापी और मसाट में स्थित इमामी लिमिटेड के दो प्लांट, झंडू के ब्रांड नाम से अपने हेल्थकेयर पोर्टफोलियो उत्पादों की उत्पादन श्रृंखला के लिए, 3 वर्षीय वैधता के साथ 40 से अधिक आयुर्वेदिक उत्पादों हेतु WHO-GMP और सर्टिफिकेट ऑफ फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट्स (CoPP) की मान्यता प्राप्त हुई है। 

भारत में आयुर्वेदिक उत्पादों की लगभग 9000 निर्माण इकाइयाँ हैं जिनमें से केवल कुछ ही कंपनियों ने WHO-GMP की इस गुणवत्ता बेंचमार्किंग को हासिल किया है।  Zandu ब्रांड के तहत 11 उत्पादों के लिए 2017 में CoPP के साथ WHO-GMP प्राप्त करने के बाद, यह कंपनी द्वारा प्राप्त की गई एक दुर्लभ उपलब्धि है जो 2020 में झंडू की छत के नीचे, 2 निर्माण इकाइयों और 40 से अधिक उत्पादों के लिए प्राप्त हुई है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वैश्विक आबादी का लगभग 80% अपने स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पारंपरिक चिकित्सा का उपयोग करना पसंद करते हैं।  देश भर में इस संबंध में ज्ञान के स्तर और गुणवत्ता चेतना में व्यापक भिन्नता को देखते हुए, WHO ने, क्रॉस-कंट्री विचार-विमर्श के बाद, गुणवत्ता, सुरक्षा और असरकारक–तीन गुणों की पहचान की है और इन्हें सुनिश्चित करने के लिए गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP) का एक विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया है।  इन पारंपरिक दवाओं के लिए WHO-GMP के दिशानिर्देश में दो चरण हैं। समान गुणवत्ता, बेंचमार्क, विनिर्माण सुविधा की मान्यता और  CoPP कड़े निरीक्षण, एसओपी, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की समीक्षा के बाद दिये जाते हैंं। 

COVID महामारी के मद्देनजर, दुनिया ने इस वायरस से पीड़ित अन्य देशों की तुलना में भारत में प्रतिरक्षा बढ़ाने और मृत्यु दर कम करने में आयुर्वेदिक दवाओं के असर पर ध्यान दिया है।  भारत सरकार के संरक्षण में, आयुष उत्पादों की प्रभावकारिता ने दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के साथ-साथ, एक उच्च वैश्विक मांग को लक्षित करने और एक व्यापक निर्यात अवसर का रास्ता खोल दिया है।  इस संदर्भ में, WHO-GMP और CoPP, आयुष उत्पादों की निर्यात क्षमता को साकार करने में वैश्विक गुणवत्ता बेंचमार्किंग अत्यंत महत्वपूर्ण और सूत्रधार हैं। 

भारत में, WHO-GMP  तथा व्यक्तिगत उत्पादों के लिए CoPP,  ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया द्वारा सीडीएससीओ (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ-साथ आयुष मंत्रालय के प्रतिनिधियों सहित, यूनिट के संयुक्त निरीक्षण, कच्चे माल की उपलब्धता, उत्पाद की निर्माण सुविधा और गुणवत्ता के मूल्यांकन के बाद दिया जाता है।