जारी हुआ सर्वभूतेषु का म्यूजिक अलबम

लॉक डाउन में मेरा रोजगार इसी फ़िल्म के ज़रिए हुआ: रुपंकर
कोलकाता, नि.स। शर्मिष्ठा देब तथा राजा चटर्जी निर्देशित बांग्ला फ़िल्म सर्वभूतेषु का गत रविवार को सॉल्टलेक स्थित 7 डेज रेस्तरां में फ़िल्म से जुड़े सभी कलाकारों की उपस्थिति में म्यूजिक जारी किया गया.

इस अलबम में 4 गीत है. जिसमें से एक रवींद्रसंगीत है. अलबम में रूपंकर बागची, दुर्निबार साहा, बोनी चक्रवर्ती और मंजुश्री दास ने अपनी आवाज़ दी है. म्यूज़िक प्रज्ञा दत्ता ने दिया है. लिरिक्स सुप्रिय पाल का है. यह अलबम रुह म्यूजिक ने पेश किया.

वहीं इस फ़िल्म में श्रीलेखा मित्रा,रजताभ दत्ता,देवदूत घोष, चंद्रेयी घोष और विश्वजीत चक्रवर्ती को अभिनय करते देखा जाएगा. इस फ़िल्म को पिफ़े ने प्रोड्यूस किया है.

मौके पर प्रज्ञा ने इस फ़िल्म के संगीत को लेकर बातचीत करते हुए कहा, इस अलबम में रुपंकर का एक रोमांटिक गीत ‘फिरे एसो आबार’ रखा गया है, जो वाकई आपके दिल को सुकून पहुंचाएगा. वहीं इसका टाईटल ट्रैक एक एक्सपेरिमेंटल गोथिक रॉक है. इसे बोनी चक्रवर्ती ने गाया है. दूसरी तरफ इसमें एक रवींद्रसंगीत है, जिसे दुर्निबार साहा ने गाया है. अलबम में एक सिलचर बेस्ड गीत भी है, जिसे मंजुश्री दास ने गाया है.
उन्होंने आगे कहा, म्यूजिक को और बेहतर बनाने के लिए साउंडस्केप का भी इस्तेमाल किया गया है, जिसे लोग रिलेट कर पाएंगे.

‘यह फ़िल्म पैरानॉर्मल विषय पर आधारित है, जिसमें आपको चार कहानियां देखने को मिलेंगी. और ऐसी फिल्मों में म्यूजिक का काफी महत्वपूर्ण योगदान रहता है, जी हां, मौके पर उपस्थित अभिनेत्री चंद्रेयी घोष ने फ़िल्म के म्यूजिक को लेकर उपरोक्त बातें कहीं.

उन्होंने आगे कहा, जिस कहानी में मैंने अभिनय किया है, वह काफी समसामयिक विषय पर आधारित है. आजकल सभी के पास स्मार्ट फ़ोन्स होते हैं. जिसका इस्तेमाल कर कुछ भी डाउनलोड करना सम्भव है. इस तरह एक गेम एप्लीकेशन डाउनलोड करने के बाद किसी की ज़िंदगी कैसे उथल-पुथल हो जाती है, उसे दिखाया गया है.

पैरानॉर्मल सिनेमा करने में आपको कितना मज़ा आया, पूछने पर चंद्रेयी ने कहा, जिस कमरे में शूटिंग चल रही थी उसमें प्रवेश करने के बाद सभी को सर पकड़ कर बैठ जाना पड़ता था. और मैंने ये सुना भी है कि पैरानॉर्मल फिल्मों में अभिनय करने के दौरान आपको अजीबोगरीब चीजें देखने को मिलती है.इस फ़िल्म में विश्वजीत चक्रवर्ती मेरे पिता की भूमिका में हैं. और फ़िल्म की शूटिंग के दौरान हम दोनों ने जमकर खाना खाया, जी हां, शूटिंग के दौरान जब चंद्रेयी को फ़िल्म से जुड़े कुछ यादगार लम्हों को साझा करने के लिए कहा गया तो उन्होंने उपरोक्त बातें कहीं.

इस फ़िल्म में मैंने जो गीत ‘फिरे एसो आबार’ गाया है वह एक बेहतरीन गाना है. उस गाने के अंदर सूफी, कुछ पुराने मेलोडीज़ इत्यादि को शामिल किया गया है. गीत में आपको काफी सारे एलिमेंट्स मिलेंगे जो वाकई अद्भुत है, जी हां, जब रुपंकर को फ़िल्म में उनके गाये हुए गीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उपरोक्त बातें कहीं.

उन्होंने आगे कहा, लॉकडाउन के दौरान यही वो पहला गीत है जिसके सहारे मैंने कुछ रोजगार किया है, इसलिए मैं अपने म्यूजिक डायरेक्टर का शुक्रगुजार हूं.

मौके पर उपस्थित निर्देशक शर्मिष्ठा देब ने कहा, मैं सिलचर की रहनेवाली हूं, इसलिए मैंने सिलचर को इस फ़िल्म के ज़रिए दिखाने की कोशिश की है. फ़िल्म को जनवरी 2021 में रिलीज़ की जाएगी. उम्मीद करती हूं कि यह फ़िल्म दर्शकों को बेहद पसंद आएगी.

इस अवसर पर तमोज्योति मुखर्जी, कर्णधार-रूह म्यूज़िक,अभिनेता देवदूत घोष,अभिनेत्री श्रेष्ठा प्रामाणिक,देवज्योति घोष,ओनर-7 डेज रेस्तरां सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे.