उद्योग जगत ने आम बजट का किया स्वागत, बताया समावेशी, विकासोन्मुख और रणनीतिक रूप से संतुलित

0
Spread the love

देश के प्रमुख उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय आम बजट का स्वागत करते हुए इसे समावेशी, दूरदर्शी और रणनीतिक रूप से संतुलित बताया है। उद्योग नेताओं का कहना है कि यह बजट राजकोषीय अनुशासन को बनाए रखते हुए विकास, नवाचार और दीर्घकालिक राष्ट्रीय क्षमता निर्माण के बीच संतुलन स्थापित करता है।

आईसीसी (ICC) के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं अंबुजा नियोटिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पार्थिव नियोटिया ने इस वर्ष के बजट को “बेहद समावेशी” और हाल के वर्षों में सबसे दिलचस्प बजटों में से एक बताया। उन्होंने मत्स्य पालन, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिएटिव इकोनॉमी, हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन जैसे उभरते और उच्च-विकास वाले क्षेत्रों पर सरकार के फोकस को भारत की नई आर्थिक संरचना के प्रमुख स्तंभ बताया।

उन्होंने बायो-फार्मा, नवाचार और मैन्युफैक्चरिंग में दिए गए प्रोत्साहन का भी स्वागत किया, विशेषकर देश में गैर-संचारी रोगों (NCDs) के बढ़ते बोझ के संदर्भ में। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश और फोकस को देखना उत्साहजनक है।” भारत को एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में पाँच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब विकसित करने की घोषणा को उन्होंने एक बड़ा कदम बताया, जिससे पड़ोसी देशों के लोग भी किफायती और गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए भारत आ सकेंगे।

श्री नियोटिया ने लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के लिए बुनियादी ढांचा विकास, नए हाईवे और 20 जलमार्गों की घोषणा को महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार इससे उत्पाद घरेलू स्तर पर सस्ते होंगे और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कर व्यवस्था, टैक्स इंसेंटिव, टैक्स हॉलिडे और नीतिगत उपायों को विदेशी निवेश पुनर्जीवित करने में अहम बताते हुए कहा कि बजट को हालिया सुधारों—जैसे जीएसटी 2.0, भारत–यूरोपीय संघ व्यापार समझौता, एफटीए और अमेरिका के साथ जारी व्यापार वार्ताओं—के साथ समग्र रूप से देखा जाना चाहिए।

सामान्य नागरिकों के दृष्टिकोण से उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र पर विशेष फोकस को प्रमुख बताया। उन्होंने कहा, “एमएसएमई भारतीय उद्योग की रीढ़ हैं, जो लाखों कंपनियों और करोड़ों लोगों को रोजगार देते हैं। एमएसएमई के लिए इक्विटी इन्फ्यूजन योजना रोजगार और आर्थिक विकास के मध्य स्तर को मजबूत करेगी। इस स्तर पर खपत और निवेश बढ़ने से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बल मिलेगा।” उन्होंने कहा कि बजट मुख्यतः एमएसएमई, नए उद्योगों और विदेशी निवेश को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

आईसीसी के वाइस प्रेसिडेंट एवं सेंचुरी प्लाईबोर्ड्स (I) लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर केशव भजांका ने वैश्विक और घरेलू आर्थिक चुनौतियों, तथा अमेरिकी टैरिफ के असर का उल्लेख करते हुए सरकार के राजकोषीय अनुशासन की सराहना की। उन्होंने 4.3% राजकोषीय घाटे के लक्ष्य और 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के बुनियादी ढांचा निवेश को सकारात्मक बताया। फार्मा, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और एमएसएमई जैसे दबावग्रस्त क्षेत्रों को मिले समर्थन को उन्होंने महत्वपूर्ण कहा। उन्होंने कहा, “भले ही कुछ बहुत नाटकीय नहीं है, लेकिन मौजूदा दबावों को देखते हुए यह सही दिशा में एक अच्छा और स्थिर बजट है।”

अर्न्स्ट एंड यंग एलएलपी के पार्टनर हर्ष अग्रवाल ने राजकोषीय संयम और घाटा कम करने की निरंतर प्रतिबद्धता को सकारात्मक संकेत बताया। आईटी कंपनियों के लिए सेफ हार्बर प्रावधानों के विस्तार का उन्होंने स्वागत किया, जो एआई आधारित बदलाव और एच1बी से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बजट का झुकाव बुनियादी ढांचा आधारित है, जिसमें पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा और माल ढुलाई प्रमुख क्षेत्र हैं। पूर्वी भारत पर विशेष फोकस को भी उन्होंने उत्साहजनक बताया।

डेलॉइट टुशे तोहमात्सु इंडिया एलएलपी के पूर्व सीनियर एडवाइजर अतनु सेन ने वित्तीय क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए कहा कि बजट में बैंकिंग क्षेत्र को स्वस्थ और जीवंत बताया गया है तथा बैंकिंग पर एक समिति के गठन की बात कही गई है, लेकिन बैंकिंग, बीमा और पेंशन के लिए प्रत्यक्ष उपाय अपेक्षाकृत सीमित रहे। उन्होंने बैंकों के लिए जमा (लायबिलिटी) पक्ष की मौजूदा चुनौतियों और अन्य वित्तीय साधनों की तुलना में कराधान में समान अवसर की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जमा सीमाओं के कारण बैंक सीडी और बॉन्ड जैसे साधनों के जरिए फंड जुटा रहे हैं, जो शेयर बाजार की प्रतिक्रिया का एक कारण हो सकता है।

सकारात्मक पहलू के रूप में श्री सेन ने कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार के विकास, जिसमें कॉरपोरेट और म्यूनिसिपल बॉन्ड इंडेक्स शामिल हैं, को रचनात्मक कदम बताया। उन्होंने 2047 तक सार्वभौमिक बीमा कवरेज और पेंशन तंत्र को मजबूत करने को दीर्घकालिक प्राथमिकता बताया।

आईसीसी के महानिदेशक डॉ. राजीव सिंह ने संगठन की ओर से माननीय वित्त मंत्री को “बेहद रणनीतिक” बजट प्रस्तुत करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि बजट में अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों योजनाओं का स्पष्ट खाका है, जिसमें दीर्घकालिक दृष्टि आत्मनिर्भर भारत के तहत राष्ट्रीय और औद्योगिक क्षमता निर्माण पर केंद्रित है।

अल्पकाल में उन्होंने वित्त और इक्विटी तक बेहतर पहुंच, जोखिम कवरेज, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, नियमों के सरलीकरण, कानूनों के डी-क्रिमिनलाइजेशन और उपयोगकर्ता-अनुकूल कस्टम्स व्यवस्था जैसे उपायों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रमुख क्षेत्रों में आयात निर्भरता कम करने, कौशल विकास, कृषि, एआई तकनीक और बुनियादी ढांचा सुदृढ़ करने के साथ राजकोषीय घाटे के लक्ष्यों को बनाए रखने से निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और पूर्वानुमान योग्य वातावरण तैयार होता है।

डॉ. सिंह ने निष्कर्ष में कहा, “मैं इस बजट को एक अत्यंत संतुलित और रणनीतिक रूप से सोचा-समझा बजट मानता हूं, जो तात्कालिक आर्थिक जरूरतों और दीर्घकालिक राष्ट्र निर्माण—दोनों को मजबूती देता है।”

Author

Leave a Reply