अदिति की अनोखी पेशकश ‘अदितिर 12 गाने वर्षयापन’

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कोलकाता, (नि.स.)I अदिति मुंशी बांग्ला में हिंदू भक्ति गीत गाने के लिए जानी जाती हैं. और कई अलग हिन्दी भक्ति गीतों के कवर ने उन्हें प्रसिद्ध बना दिया. वह ज़ी बांग्ला के सारेगामापा 2015 की प्रतिभागी भी थीं. उन्होंने भक्ति गीतों की पेशकश कुछ अलग अंदाज़ से की और लोगों को उनका यह अंदाज़ बेहद पसन्द आया. आज वे सभी के दिलों में बस गई हैं.

खैर इसी बीच बांग्ला नववर्ष के मद्देनजर उन्होंने अपनी नई भावना ‘अदितिर 12 गाने वर्षयापन’ को पेश करने का ऐलान कर दिया है. उपरोक्त प्रोजेक्ट में उनके साथ संगीतकार इन्द्रदीप दासगुप्ता, जय सरकार, दोहार, रणोजय भट्टाचार्य, सौम्य बसु, राहुल दत्त सहित कई अन्य लोग हैं. वहीं गीतकारों में से श्रीजातो और बारिश प्रमुख हैं. उपरोक्त प्रोजेक्ट के तहत अगले 12 महीने तक 12 गीतों को पेश किया जाएगा, जो मुख्य तौर पर भक्ति गीत होंगे. इसमें आपको कभी झूलन, पुराने गीतों के माध्यम से कृष्ण दर्शन, कभी चैतन्य महाप्रभु, जगन्नाथ देव तो कभी जन्माष्टमी का फ्लेवर मिलेगा. इसकी शुरुआत अगले मई महीने से होगी. हाल ही में अदिति से एक खास मुलाकात के दौरान उन्होंने उपरोक्त बातें कहीं. जब अदिति से यह पूछा गया कि आपने संगीत को अपना करियर चुना, फिर उसके बाद पॉलिटिक्स में आईं, कौन सा सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण था, के जवाब में उन्होंने कहा, मेरे ही इलाके के लोगों की मदद करना मेरा मूल लक्ष्य रहा है, इसलिए मैंने पॉलिटिक्स ज्वॉइन किया. यानी कि राजारहाट के गोपालपुर में रह रहे लोगों की बात कर रही हूं. इससे ज़्यादा और कुछ है ही नहीं. और जहां तक संगीत की बात है उसे मैं किसी भी प्रकार की चुनौती नहीं मानती.


अदिति से जब यह पूछा गया कि सारेगामापा के मंच से आप वापस आना चाहती थी, क्या हुआ था, के जवाब में उन्होंने कहा, दरअसल ऑडिशन के दौरान मुझसे यह पूछा गया था कि आपका बैकग्राउंड क्या है. उसके जवाब में मैंने कहा था कि मैंने कीर्तन में मास्टर्स किया है. आगे चलकर जब सिलेक्शन हुआ तो मुझसे कहा गया कि आपको यहां कीर्तन ही गाना है. यह सुनकर मैं निराश हो गई थी. तब घर पर यह बताया था कि मैं बैग अनपैक नहीं कर रही हूं. लेकिन आगे चलकर यही मेरे लिए वरदान साबित हुई है.

अदिति ! ईश्वर से यही दुआ करते हैं कि आपकी आनेवाली हर एक प्रॉजेक्ट कामयाब हो जाये.

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