लता मंगेशकर एक स्तम्भ थीं, जिसके आगे हम सभी सर झुकाया करते थे: रितुपर्णा सेनगुप्ता

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कोलकाता l लता मंगेशकर का रविवार, 6 फरवरी को 92 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन पर शोक जताते हुए टॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रितुपर्णा सेनगुप्ता ने कहा, लता जी का नाम सुनते ही हम सभी गौरवान्वित हो जाते थे. उनके गीतों को जब मैं सुनती थी तो लगता था कि मैं सपनों में खो चुकी हूं. न जानें कितने ही नायिकाओं को उन्होंने अपनी आवाज़ की जादुगरी से एक मुकाम तक पहुंचाया है. यह एक चमत्कार नहीं तो क्या है.

उन्होंने आगे कहा, लता जी के निधन पर ऐसा लग रहा है कि एक नक्षत्र का पतन हो चुका है. वो जिंदगी, देश और सभ्यता की प्रतीक थीं. यूँ कह सकते हैं, लता जी एक स्तम्भ थीं, जिनके आगे हम सभी सर झुकाया करते थे.

रितुपर्णा का कहना है, लता जी की आवाज़ में एक गीत ‘आमार भालोलागा, आमार भालोबासा’ पर मैंने लिप मिलाया था. यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है.

उन्होंने कहा, लता जी ने अपनी पूरी ज़िंदगी गीतों पर न्यौछावर कर दिया है. उनकी आत्मा को शांति मिले और उनके पूरे परिवार के प्रति मेरी सहानुभूति.

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