वेस्ट बंगाल स्टेट जमीयत-ए-उलेमा की ओर से संवाददाता सम्मेलन का आयोजन
कोलकाता। मंगलवार को महानगर स्थित प्रेस क्लब में वेस्ट बंगाल स्टेट जमीयत-ए-उलेमा की ओर से एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के अध्यक्ष सिद्दीकुल्ला चौधरी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), जनगणना प्रक्रिया तथा अन्य समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखी।
सिद्दीकुल्ला चौधरी ने दावा किया कि वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर के नाम पर 27 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने चुनाव आयोग से सवाल करते हुए कहा कि इन मतदाताओं का भविष्य क्या होगा और अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट समाधान सामने नहीं आया है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने भी सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री से यह पूछा गया था कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने के बाद चुनाव किस प्रकार संपन्न कराया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मतदाताओं को सूची से हटाने के मामले में पर्याप्त सुनवाई नहीं हुई और कई मामले लंबित रहे। सिद्दीकुल्ला ने दावा किया कि इस संबंध में द हिंदू अखबार में भी समाचार प्रकाशित हुआ था।
जनगणना प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में उन्होंने जनगणना कार्यालय का दौरा किया। वहां उन्हें जानकारी मिली कि अधिकारियों के विभिन्न कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। हालांकि, उनका आरोप था कि इस संबंध में अब तक पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है, जिससे लोगों में जागरूकता की कमी है।
मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर उन्हें हटाने की धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, बल्कि निर्धारित ध्वनि-सीमा (डेसीबल) का पालन करना आवश्यक है।
उन्होंने घोषणा की कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो 11 अगस्त को लगभग 2,000 समर्थकों के साथ एक रैली निकाली जाएगी। प्रस्तावित रैली राजा बाजार से शुरू होकर सियालदह, मौलाली होते हुए धर्मतल्ला पहुंचेगी, जहां संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी जाएंगी।
संवाददाता सम्मेलन में जेड. आर. आरिफ सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
