पश्चिम बंगाल में 30 ,000 से ज्यादा पैरंट्स और 100 से ज्यादा स्कूलों को फी-फाइनेंसिंग मॉडल से लाभ पहुंचा चुकी है कंपनी
कलकत्ता :लॉकडाउन में नौकरी छूटने, सैलरी में कटौती, आमदनी कम होने जैसे कई कारणों ने बहुत से पैरंट्स के लिए स्कूल फीस का पेमेंट करने से संबंधित चुनौतियों को बढ़ा दिया।फंड की कमी के कारण पूरे शिक्षा क्षेत्र पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है.यह समस्या इतनी बड़ी हो गयी है कि इस समय पूरी शिक्षा प्रणाली को अस्त्तित्व के संकट से गुजरना पड़ रहा है।जहां एक तरफ बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पैरंट्स के लिए प्राथमिकता बन गई तो दूसरी तरफ पैरंट्स के लिए बच्चों के स्कूल की फीस देना दिन पर दिन मुश्किल होता जा रहा है। इस समस्या का हल निकालने के लिए स्टार्टअप फिनटेक कंपनी फाइनेंसपियर अब बंगाल में अपना फोकस कर रही है।पश्चिम बंगाल के 100 से ज्यादा स्कूलों के साथ अब तक यह कंपनी अपना करार कर चुकी है और उनमे पढ़ने वाले बच्चो को बिना किसी लागत और ब्याज के ईएमआई पर फीस फाइनेंस की सुविधा प्रदान कर रही है.कंपनी ने अब तक 30 हजार से ज्यादा पैंरंट्स को फीस फाइनेंस करने के सोल्यूशन प्रदान किए हैं.फाइनेंसपीयर छात्रों को मुफ्त बीमा की सुविधा भी ऑफर कर रहा है, जो उन्हें अपनी शिक्षा को बहाल रखने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। फाइनेंसपीयर एक प्रमुख फिनटेक कंपनी है, जो बिना किसी ब्याज और लागत के स्कूल फीस के भुगतान का ऑफर देती है.कंपनी स्कूल फीस का भुगतान सीधे शिक्षण संस्था को करना सुनिश्चित करती है, जिससे छात्रों को सही समय पर दाखिला लेने की इजाजत मिल सके.इससे मातापिता पर स्कूल फीस के रूप में एक साथ बहुत बड़ी का भुगतान करने का बोझ नहीं पड़ता। फाइनेंसपियर के संस्थापक रोहित गजभिये ने कहा, “हमारा उद्देश्य सभी लोगों तक क्वॉलिटी एजुकेशन की पहुंच उपलब्ध कराना है.हम पूरे भारत में अपनी पहुंच का विस्तार कर रहे हैं.पूर्वोत्तर भारत खासकर पश्चिम बंगाल और असम हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है।हमने कोलकाता और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों में 100 से ज्यादा स्कूलों के साथ समझौता किया है.इसके अतिरिक्त हम दूसरे शहरों में भी अपना विस्तार कर रहे हैं।इस सुविधा से स्कूलों को शुरुआत में ही पूरी स्कूल फीस मिलने में मदद मिलती है और उनके पास शिक्षण संस्थाओं के संचालन के लिए धन की कमी नहीं रहती.हमें स्कूलों से काफी बेहतरीन रेस्पॉन्स मिल रहा है क्योंकि यहपूरी एजुकेशन इंडस्ट्री के लिए काफी मुश्किल समय है।फीस फाइनेंसिंग की सुविधा ने पैरंटेस और स्कूलों की इस मुश्किल समय में काफी मदद की है और उन्हें परेशानी से बचाया है।'' फाइनेंसपीयर के सह-संस्थापक सुनीत गजभिये ने कहा, “फीस फाइनेंसिंग मॉडल ने कोरोना महामारी के दौरान बहुत सारे स्कूलों और अभिभावकों को सुविधा प्रदान कर मदद की है। हम चाहते हैं कि बच्चों की शिक्षा वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण प्रभावित न हो.हम पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के सभी हिस्सों में अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक स्कूल और पैरंट्स फीस फाइनेंस की सुविधाओं का लाभ उठा सकें।‘’ फाइनेंसपीयर का संचालन पहले ही 100 से ज्यादा शहरों में हो रहा है और कंपनी के नेटवर्क में इस समय 6 हजार से ज्यादा शिक्षा संस्थान है.15 लाख से अधिक छात्रों को फीस फाइनेंसिंग की सुविधा प्रदान की जा रही है।फाइनेंसपीयर से जुड़े कुछ प्रमुख नाम में एमिटी यूनिवर्सिटी, फ्रैंकफिन, आकाश इंस्टिट्यूट और वाइटहैट जूनियर हैं।

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