गौतम घोष ने किया ‘आमी नारी ओ अन्यान्य प्रसंगों’ पुस्तक का विमोचन
कोलकाता। बुधवार को महानगर स्थित प्रेस क्लब में प्रख्यात फिल्म निर्देशक गौतम घोष ने अनीश कांजीलाल द्वारा लिखित पुस्तक ‘आमी नारी ओ अन्यान्य प्रसंगों’ का विमोचन किया।
इस अवसर पर लेखक अनीश कांजीलाल ने बताया कि पुस्तक को तीन भागों में विभाजित किया गया है। पहले भाग में स्वयं उनके अनुभवों के साथ समाज के संपन्न वर्ग से जुड़े विभिन्न पहलुओं को स्थान दिया गया है। दूसरे भाग में समसामयिक महिला पात्रों को प्रस्तुत किया गया है, जिन्हें गहन अध्ययन और अन्वेषण के बाद लिखा गया है। वहीं तीसरे भाग में सोशल सटायर, राजनीतिक व्यंग्य, ग्लोबल वार्मिंग तथा अन्य समसामयिक विषयों को शामिल किया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गौतम घोष ने कहा कि कवियों के मनोभावों को समझना बेहद कठिन और जटिल होता है, क्योंकि वे वास्तविक और काल्पनिक दोनों तरह की दुनियाओं में डूबकर अपनी रचनाओं का सृजन करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अनेक महान कवियों से बातचीत की है। कई दशकों बाद जब उन्होंने उनसे उनकी किसी विशेष रचना के बारे में पूछा, तो कई बार वे स्वयं भी उस समय की अपनी मानसिक स्थिति या लेखन-प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से व्यक्त नहीं कर पाए।
अपने विचारों को स्पष्ट करने के लिए गौतम घोष ने महान कवि जीवानंद दास का उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
