रुपम इस्लाम ने किया अपनी किताब ‘अनामिका बोले डाकते पारी कि तोमाय’ का अनावरण

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कोलकाता,(नि.स.)l गीतों को लिखने से लेकर पत्रिका संपादित करना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन दिमाग में चल रहा था कि कोई अगर मुझसे पूछें कि आप कोई नॉवेल लिखने की इच्छा रखते हैं, तो बढ़िया होता. और एकदिन अचानक एक प्रसिद्ध पत्रिका से मेरे पास उनके पूजा विशेषांक के लिए कुछ लिखने का ऑफर आया. आगे चलकर मैंने उनको मेरे नॉवेल लिखने का प्रस्ताव दे डाला. और आज इसका अनावरण किया जा रहा है, जी हां, सोमवार को यहां अपनी लिखी हुई नावेल अनामिका बोले डाकते पारी कि तोमाय के अनावरण के मौके पर सिंगर, कम्पोज़र तथा लेखक रुपम इस्लाम ने उपरोक्त बातें कही.

उन्होंने आगे कहा, मैं सुनील गंगोपाध्याय, सत्यजीत रे और हुमायूं अहमद की लेखनी से प्रेरित हूं. यहां तक कि मैं जर्नलिस्ट गौतम भट्टाचार्या की कई किताब बुम्बा शॉट रेडी इत्यादि पड़ चुका हूं. किताबे पढ़कर लोगों को जानना और अपनी कार्य क्षेत्र का विस्तार करना मेरी एक अदा है. उन्होंने आगे कहा, ब्रम्हा ठाकुर मेरे नावेल का मुख्य किरदार है और इस सीरीज में मैंने अब तक 5 उपन्यास लिखा है. इसमें से अनामिका बोले डाकते पारी कि तोमाय में आपको दो मिलेंगे, तीसरा एक प्रसिद्ध पत्रिका में प्रकाशित हो रही है, बाकी दो का अब तक सोचा नहीं क्या करना है. आपको बता दें, इस नावेल को दीप प्रकाशन से निकाला गया है. इस अवसर पर दीप्तांशु मंडल, जर्नलिस्ट गौतम भट्टाचार्या सहित कई लोग मौजूद थे.

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