अब मेडिकल सकैम्स का पर्दा फास करेंगे डॉ. बक्शी, राइटर की भूमिका में होंगी शुभोश्री

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बांग्ला फ़िल्म में पहली बार स्पिन ऑफ की कोशिश: सप्तस्व बासु 

कोलकाता l कुछ समय पहले एक हाई प्रोफाइल किडनेपिंग केस की कहानी को लेकर निर्देशक सप्तस्व बासु ने एक बांग्ला फ़िल्म प्रतिद्वंद्वी का निर्देशन किया था. फ़िल्म 1 जनवरी 2021 को रिलीज हुई थी. इस फ़िल्म का एक किरदार डॉ. बक्शी को सभी ने खासा पसंद किया था. अन्याय के खिलाफ लड़ने और आम लोगों को न्याय दिलाने की उनकी नीति सबसे अलग थी. फ़िल्म ने टिकट खिड़की पर अच्छा प्रदर्शन भी किया.

शायद इसी वजह से डॉ. बक्शी के किरदार को जीवित रखते हुए नए कलाकारों के साथ निर्देशक सप्तश्व बासु अपनी आगामी बांग्ला फ़िल्म डॉ. बक्शी का निर्देशन करने जा रहे हैं. इस फ़िल्म में परमब्रत चटर्जी, शुभोश्री गांगुली, बॉनी सेनगुप्ता और माही कर होंगे. शूटिंग इसी महीने के अंत तक शुरू होनेवाली है. अगले साल ईद में इस फ़िल्म को रिलीज़ किया जाएगा.

फ़िल्म की कहानी एक राइटर तथा ब्लॉगर मृणालिनी के इर्द-गिर्द घूमती है. एक हेरिटेज होटल में आयोजित पोईला बैसाख उत्सव को कवर करने के लिए जब मृणालिनी वहां पहुंचती हैं, उस दोरान वहां एक मर्डर के केस में वह फंस जाती है. और तभी डॉ. बक्शी की एंट्री होती है. क्या मृणालिनी अपने आप को इस जाल से निकाल पाएगी? पूरी फिल्म की कहानी इसी के इर्द-गिर्द घूमेगी.
हाल ही में फ़िल्म का मोशन पोस्टर और कैरेक्टर लुक को जारी किया गया. मोशन पोस्टर में शुभोश्री को एक एक चाकू के साथ देखा जा रहा है. उनके चेहरे पर भय विराजमान है. इससे ये अंदेशा लगाया जा सकता है कि वह किसी षडयंत्र का शिकार हो चुकी है.

इस अवसर पर निर्देशक सप्तस्व बासु ने कहा, भारतवर्ष में कई तरह के मेडिकल स्कैम होते रहते हैं. जिसमें ऑर्गन हार्वेस्टिंग से लेकर नकली दवाइयां, प्रेग्नेंसी केसेस व डिलीवरी इत्यादि शामिल है. कई डॉक्टरों की वजह से कितने बच्चों की जानें जाती हैं. इस पर पूरे भारतवर्ष में अब तक जो रिपोर्ट्स निकले हैं, उसी तथ्य को लेकर मेरी यह फ़िल्म है. इसमें डॉक्टर बक्शी को मेडिकल स्कैम्स का पर्दा फास करते देखा जाएगा.

मोशन पोस्टर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, पोस्टर में अभिनेत्री शुभोश्री गांगुली को काफी चिंतित देखा जा रहा है. पोस्टर को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है जिसे देखकर आपको ऐसा लगेगा कि यह फ़िल्म के किसी दृश्य को दर्शा रही है.

उन्होंने आगे कहा, मेरी फिल्म प्रतिद्वंद्वी का एक किरदार डॉ.बक्शी काफी पॉपुलर हुआ था. उसी के मद्देनजर इस फ़िल्म के बारे में मैंने सोचा है.वैसे विदेशी फिल्मों में ऐसा अक्सर देखा जाता है कि एक फ़िल्म में अगर कोई किरदार हिट साबित होती है, तो उसी किरदार को रखते हुए नई फिल्मों का निर्माण किया जाता है. इसे स्पिन ऑफ कहा जाता है. बांग्ला फिल्मों में पहली बार ऐसी कोशिश की जा रही है.

वहीं मौके पर फ़िल्म की एक और अभिनेत्री माही कर ने कहा, इस फ़िल्म मैं श्रद्धा नामक एक डांसर का किरादर निभाने जा रही हूं. सप्तस्व बासु के साथ चौथी बार जुड़ने जा रही हूं. इस फ़िल्म से मेरी काफी उम्मीदें हैं.

‘कहानी काफी समसामयिक है. अर्णब भौमिक ने इसकी कहानी को जबरदस्त तरीके लिखा है,’ जी हां, मौके पर अभिनेत्री शुभोश्री गांगुली ने फ़िल्म के बारे में बातचीत करते हुए कुछ ऐसा ही कहा.

जब शुभोश्री से यह पूछा गया कि किसी भी किरदार को निभाने से पहले अपने आप को किस तरह से तैयार करती हैं, के जवाब में उन्होंने कहा, पहले तो मैं पूरी कहानी को रट लेती हूं. यहाँ तक कि हर किरदारों के डायलॉग्स भी याद कर लेती हूं. इससे मुझे मेरे किरदार की गहराई को समझने में आसानी होती है. 

‘हर किसी का अलग क्रॉफ्ट होता है. और वह मैंने पूरी तरह से अख्तियार कर लिया है. फिर भी परिणीता की शूटिंग के बाद भी मोहूल के किरदार से निकलने में मुझे 15 दिन लगे गए थे, जी हां, इतनी गहराई से किसी किरदार में घुसने के बाद अपने आप को किस तरह संभालती हैं, पूछने पर शुभोश्री ने उसके जवाब में उपरोक्त बातें कहीं.

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