एलन कोलकाता ने किया करगिल शहीदों के परिजनों का सम्मान

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  • करगिल विजय के 25वें वर्ष के तहत एलन कोलकाता का शौर्य वंदन, परमवीर चक्र विजेता योगेन्द्र सिंह यादव हुए शामिल

कोलकाता. देश आगे बढ़ रहा है, क्योंकि हम सुरक्षित हैं। कोई हैं जो हमारी सुरक्षा के लिए प्राणों की बाजी लगाकर हमें खुली हवा में जीने की आजादी दे रहे हैं। इस बलिदान को याद रखते हुए आइए, हम भी दूसरों के लिए जीना सीखे। अपने परिवार के साथ समाज और देश की सेवा का जज्बा मन में रखें, तभी जीवन सार्थक होगा।

परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर ऑनरेरी कैप्टन योगेन्द्र सिंह यादव ने यह बात सोमवार को एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोलकाता की ओर से आयोजित शौर्य वंदन कार्यक्रम में शहीदों के परिवारों के सम्मान के दौरान कही।

समारोह में विद्यार्थियों को सीख देते हुए कैप्टन योगेन्द्र ने कहा कि सेना का सम्मान देश का सम्मान है, जिस तरह एक योद्धा देश के लिए लड़ता है ठीक उसी तरह एक विद्यार्थी को भी देश को आगे ले जाने के लिए संकल्पित रहना चाहिए। पढ़ाई में भी टारगेट लेकर उसकी प्राप्ति के लिए पूरे प्रयास होने चाहिए।

एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कोलकाता में करगिल विजय के 25वें वर्ष के तहत शौर्य वंदन कार्यक्रम धन धान्य ऑडिटोरियम पुलिस लाइन अलीपुर में हुआ। कार्यक्रम में शहीद पूर्बा तमांग, शहीद लिंकन प्रधान, शहीद सुरेश छेत्री, शहीद नागेश्वर महतो, शहीद बिरसा ओरोन के परिजन शामिल हुए। शहीदों के परिजनों को 11-11 हजार के चेक, सम्मान पत्र सौंपे गए। इस दौरान शहीदों के परिजनों ने भी अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान कई बार ऐसे क्षण भी आए जब हर किसी के आंख में आंसू आ गए। कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों ने खड़े होकर शहीदों के सम्मान में तालियां बजाई और परिजनों को सेल्युट किया।

एलन के निदेशक राजेश माहेश्वरी ने शहीदों को नमन करते हुए परिजनों का सम्मान किया। एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट अपने सामाजिक सरोकार निभाने में आगे रहता है। करगिल विजय के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शौर्य वंदन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत पूरे भारत में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में सीनियर फैकल्टी अनुराग मिश्रा, संजय गौड़, सेंटर हेड देबाशीष सान्याल भी शामिल हुए। इस अवसर पर अनुराग मिश्रा ने कहा कि हम शिक्षा के साथ संस्कार देने में विश्वास रखते हैं। एक सैनिक के जीवन से विद्यार्थी बहुत कुछ सीख सकते हैं। मुख्य रूप से देने का भाव सीखना है, जिस तरह एक सैनिक देश के लिए जान देता है, उसी तरह एक विद्यार्थी को देश को आगे लाने के लिए सकारात्मक सोच रखनी चाहिए

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